रूस के पूर्वी क्षेत्र कम्मचटका प्रायद्वीप के तट पर 30 जुलाई 2025 को सुबह करीब 7:40 बजे (स्थानीय समयानुसार) समुद्र में 8.8 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप दर्ज किया गया। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और रूस की भूकंपीय एजेंसियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह भूकंप समुद्र में 20 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे तुरंत ही भारी सुनामी लहरें उठीं। भूकंप के बाद कम्मचटका क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
भूकंप के तुरंत बाद रूस के सेवेरो-कुरिल्स्क समेत तटीय क्षेत्रों में लगभग 3 से 4 मीटर ऊँची लहरें आईं। इन लहरों ने तटीय गांवों में पानी भर दिया और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए लगभग 2,700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। हालांकि, अभी तक किसी के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
रूस के इस भूकंप का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखा गया। जापान, हवाई, अलास्का और अमेरिका के पश्चिमी तटों सहित पूरे प्रशांत महासागर के कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। जापान ने तो तुरंत ही अपने कई तटीय इलाकों से लाखों लोगों को निकासी आदेश दे दिया। हवाई में भी लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई। अलास्का में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।
अमेरिका के भूगर्भीय विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 24 घंटों तक सुनामी की लहरें अलग-अलग देशों तक पहुँच सकती हैं। इन लहरों की तीव्रता समय और दूरी के हिसाब से बदल सकती है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। प्रशांत महासागर में आने वाली इस प्रकार की भूकंपीय गतिविधियाँ कई बार व्यापक तबाही ला चुकी हैं, जैसा कि 2011 में जापान के फुकुशिमा हादसे में देखा गया था।
रूस में भले ही इस भूकंप से जानमाल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इसकी तीव्रता और क्षेत्रीय प्रभाव को देखकर विशेषज्ञ इसे दशकों का सबसे शक्तिशाली भूकंप मान रहे हैं। रूस की आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ राहत कार्यों में लगी हुई हैं और लगातार तटीय क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। कई जगहों पर बिजली और संचार की समस्याएँ भी आई हैं, जिन्हें दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इस दौरान एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें रूस के एक ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टर भूकंप के झटकों के बीच सर्जरी करते दिखे। यह वीडियो दुनिया भर में साहस की मिसाल बन गया है और रूस के चिकित्सा कर्मियों की हिम्मत को सराहा जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि इस आपदा के बीच भी रूस की जनता और सेवा विभाग मजबूती से खड़े हैं।
रूस, जापान, हवाई और अन्य प्रशांत देशों के लिए यह भूकंप और सुनामी एक चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाएँ कितनी अचानक और व्यापक प्रभाव वाली हो सकती हैं। आपातकालीन तैयारी और तेज़ प्रतिक्रिया ही इससे निपटने का एकमात्र उपाय है। वैज्ञानिक लगातार इस क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं और आगे किसी बड़ी हलचल की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
Leave a Reply