बंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी स्थित इंफोसिस कैंपस में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वरिष्ठ तकनीकी कर्मचारी स्वप्निल नरेश माली (30 वर्ष) को महिला सहयोगी की गुप्त रूप से वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता ने कथित रूप से मोबाइल का प्रतिबिंब देखकर बात की जानकारी दी, जिसके बाद मामला उजागर हुआ ।
जाँच में सामने आया है कि पीड़ित महिला उस दिन सुबह लगभग 11 बजे कार्यालय के तीसर फ़्लोर स्थित महिला शौचालय में थीं, जब उन्होंने पड़ोस की खिड़की से अजीब सी गतिविधि देखी। जैसे ही उन्होंने जांच की, उन्हें पास वाले कबीने में मोबाइल लेकर खड़े स्वप्निल ने रंगे हाथों अपने करतूत को अंजाम देते हुए कैमरे में रिकॉर्ड करते हुए पाया गया ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पीड़िता ने तत्काल HR को बुलाया और घटना की जानकारी दी। HR टीम ने आरोपित के फोन की जांच की, जिसमें कम से कम एक महिला की भूमिका से जुड़ा वीडियो प्राप्त हुआ। साथ ही प्रारंभिक जांच में लगभग 30 अन्य महिलाओं के वीडियो अभी भी आरोपी के फोन में पाए गए.
पुलिस ने उसे भारतीय IT कानून की धारा 66E (गोपनीयता उल्लंघन) व भारतीय दंड संहिता की धारा 77 (वॉययरिज्म) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही फोन को Forensics लैब भेजा जा रहा है ताकि पुराने और हटाए गए वीडियो रिकवर किए जा सकें.
इंफोसिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को कंपनी से अलग कर दिया है। कंपनी ने कहा है कि यह घटना उन्हें भी हैरान कर गई और उन्होंने पीड़िता के साथ हर संभव सहयोग किया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि कंपनी “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाती है और इस तरह के किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी।
विशेषज्ञों व कर्मचारियों ने मांग की है कि कंपनियों को अपने कार्यालय परिसरों, विशेषकर शौचालयों व लॉकर रूम्स में अधिक निजी सुरक्षा, कैमरा फ्री जोन व नियमित परीक्षा (audit) लागू करनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की निजता का उल्लंघन दोबारा न हो सके।
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