कोर्सेरा की ग्लोबल स्किल्स रिपोर्ट 2025 के अनुसार भारत में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) कोर्सेज़ में साल-दर-साल 107 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें लगभग 26 लाख भारतीय शिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया है। भारत अब वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक GenAI शिक्षार्थियों वाला देश बन गया है। इसके बावजूद, पूरे कौशल दक्षता के मामले में भारत 109 देशों में 89वें स्थान पर है, जो यह संकेत देता है कि भारी इंटरेस्ट के बावजूद वास्तविक क्षमताओं में काफी अंतर है। कोर्सेरा का एआई परिपक्वता सूचकांक (AI Maturity Index) भारत को वैश्विक रूप से 46वें स्थान पर रखता है, जो बताता है कि एआई नवाचार और टैलेंट डेवलपमेंट के मामले में भारत बीच-बीच का प्रदर्शन दे रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार 2026 तक भारत में एक मिलियन से अधिक एआई-विशेषज्ञों की कमी हो सकती है, जो तकनीकी, डेटा साइंस और व्यवसायिक क्षेत्रों में गहरी प्रतिभा ख़त्मी को दर्शाता है। इसके अलावा जेंडर असमानता भी एक समस्या बनी हुई है—जहाँ महिलाएँ कुल कोर्सेरा शिक्षार्थियों का लगभग 40 प्रतिशत हैं, वहीं GenAI कोर्सेज़ में उनकी भागीदारी केवल लगभग 30 प्रतिशत है।
मोबाइल-फर्स्ट लर्निंग भारत में प्रमुख रही—करीब 52 प्रतिशत शिक्षार्थियों ने मोबाइल उपकरणों का उपयोग कर कोर्सेस एक्सेस किए, जो दर्शाता है कि डिजिटल स्किलिंग के लिए मोबाइल प्लेटफॉर्म कितना अहम है।
कोर्सेरा के भारत के कैंपस एवं सरकारी निदेशक प्रशांति रस्तोगी ने कहा कि भारत की डिजिटल और एआई महत्वाकांक्षा राष्ट्रीय नीतियों और शिक्षार्थी व्यवहार दोनों में स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित होती है; राष्ट्रीय एआई मिशन, कौशल आधारित भर्ती सुधार, और अंतःविषय शिक्षा मॉडल इस दिशा में सक्रिय हैं
Leave a Reply