बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार एक बार फिर चर्चा में आ गये है. अक्सर नितीश कुमार को किसी न किसी कार्यक्रम में कुछ हरकतें करते पाया गया है. कभी वो सदन में मुंह बनाते है तो कभी राष्ट्रगान में हिलते- डोलते नजर आते है, तो कभी भाषण में कुछ भी कह देते है. नितीश कुमार का यह बर्ताव कुछ ज्यादा ही देखा जा रही है और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चाएँ कुछ ज्यादा ही हो रही है. इसी बीच मुख्यमंत्री नितीश कुमारकी एक और करतूत सामने आई. दरअसल, रविवार को पटना के बापू सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद थे. इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की 800 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का शुभारंभ किया गया.
अमित शाह ने इस दौरान कुछ लाभार्थियों को “डमी चेक” भी सौंपे. इन्हीं में से एक लाभार्थी ग्रामीण महिला थीं, वह फोटो खिंचवाने के अनुरोध को समझ नहीं पाईं. इस बीच मुख्यमंत्री ने उस महिला का हाथ पकड़ा और उन्हें फोटोग्राफरों और पत्रकारों के समक्ष घुमाकर उनके कंधे पर हाथ रख दिया.
आरजेडी ने इस घटना का विडियो ट्विटर पर डालते हुए जेडीयू पर सीधा निशाना साधा और लिखा, ‘देखिये मुख्यमंत्री नितीश कुमार किस तरह से एक महिला को अप्पतिजनक तरीके से खींच रहे है, जबकि गृह मंत्री अमित शाह भी वहां मौजूद है.’
इसके साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि “बीमार मुख्यमंत्री और बेबस बीजेपी बिहार को शर्मिंदा कर रहे हैं.” विपक्ष का दावा है कि नीतीश कुमार शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो चुके है. RJD ने नीतीश कुमार के अंदाज की नकल करते हुए लिखा, “क्या किसी मुख्यमंत्री ने 2005 से पहले ऐसा किया था? यह सब तभी हुआ जब मैं सत्ता में आया.”
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