लोकसभा में गुरुवार को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 पास हो गया। बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की घुसपैठ हो रही है।
ऐसे में जो लोग भारत की व्यवस्था में योगदान करने, व्यापार और शिक्षा के लिए आते हैं, ऐसे सभी लोगों का स्वागत है। लेकिन चाहे रोहिंग्या हो या बांग्लादेशी अगर यहां अशांति फैलाने के लिए आते हैं, तो ऐसे लोगों के साथ बड़ी कठोरता के साथ व्यवहार होगा। अगर कोई भारत को नुकसान पहुंचाने की मानसिकता के साथ आता है तो उसे सख्ती से निपटा जाएगा। ‘उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार केवल उन लोगों को भारत आने से रोकेगी जिनके इरादे गलत हैं। यह देश कोई धर्मशाला नहीं है। भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की जानकारी रखी जाएगी। वे किस रास्ते से आ रहे हैं। कहां रुक रहे हैं। क्या कर रहे हैं। इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल लोकसभा में 11 मार्च को पेश किया गया था। इस पर सत्ता और विपक्ष के 30 सांसदों ने अपनी बात रखी। कुल मिलाकर, इमिग्रेशन और विदेशी अधिनियम, 2025 का उद्देश्य भारत में इमिग्रेशन से संबंधित प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, अवैध प्रवास को रोकना, और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है, जबकि वास्तविक आगंतुकों और शरणार्थियों के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित की गई है.
इतिहास
1920 का एक्ट केंद्र सरकार को भारत में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए पासपोर्ट रखने के लिए नियम बनाने का अधिकार देता है। बिल में प्रावधान है कि भारत में प्रवेश करने या यहां से जाने वाले व्यक्तियों के पास वैध पासपोर्ट या अन्य वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ वैध वीजा (विदेशियों के लिए) भी होना चाहिए। इन दस्तावेजों की जांच आव्रजन अधिकारी द्वारा की जा सकती है। बिल केंद्र सरकार को भारत में प्रवेश और भारत से बाहर निकलने के लिए नामित आव्रजन चौकियों को अधिसूचित करने का अधिकार देता है। इन चौकियों पर आव्रजन अधिकारी या अन्य निर्दिष्ट अधिकारी तैनात होंगे। बिल आव्रजन कार्यों और अन्य निर्धारित कार्यों को करने के लिए आव्रजन ब्यूरो की स्थापना का प्रावधान करता है। आव्रजन कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं: (i) वीजा जारी करना और भारत में प्रवेश का विनियमन, या (ii) भारत में पारगमन, प्रवास और भारत से बाहर निकलना। केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त ब्यूरो का आयुक्त आव्रजन और अन्य निर्धारित कार्यों की निगरानी करेगा.
शाह के भाषण की 7 बातें- जिनके इरादे गलत हैं, उन्हें रोका जाएगा
- नियम बनाकर अवैध घुसपैठियों को रोक रहे: हमारी सीमा पर कुछ संवेदनशील स्थान हैं, सेना के अड्डे हैं, उनको दुनियाभर के लिए खुले नहीं छोड़ सकते थे। पहले भी घुसपैठियों को रोका जाता था, लेकिन तब इसका नियम नहीं था। हममें हिम्मत है नियम बनाकर रोकने की। पूरी व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से एक कानून में बांधने का काम किया गया है।
- भारत आए विदेशियों की जानकारी पुख्ता होगी: सुरक्षा की दृष्टि से ड्रग्स कार्टल, घुसपैठियों की कार्टल, हवाला व्यापारियों को समाप्त करने की व्यवस्था हम इस बिल में कर रहे हैं। पासपोर्ट एक्ट में पासपोर्ट-वीजा अनिवार्य होगा। विदेशियों के रजिस्ट्रेशन को और पुख्ता किया जाएगा।
- पहले ये कानून ब्रिटेन में बने थे अब नई संसद में: अप्रवासियों से जुड़े कानून 1920, 1930 और 1946, ब्रिटेन की संसद में बने थे। भारत का कानून अब भारत की नई संसद में बन रहा।
- विदेशी यात्रियों की सुविधा के लिए चौकियां बढ़ाईं: विदेशी यात्रियों की सुविधा के लिए हमने 73% अप्रवासन चौकियां बढ़ाई हैं। 2024 में आठ करोड़ 12 लाख आवाजाही हुई है। फास्टैग अप्रवासन यात्री कार्यक्रम हमने आठ एयरपोर्ट पर लागू किया है, जिसमें यात्रियों की जांच में 30 सेकंड समय लगेगा।
- फेंसिंग के लिए ममताजी नहीं दे रहीं जमीन: पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की घुसपैठ हो रही है। 450 किमी आपकी कृपा से खुली सीमा है, वहीं से घुसपैठ है, वहीं नागरिक बनते हैं, आधार कार्ड बनते हैं और देशभर में फैल जाते हैं। जितने घुसपैठिए पकड़े गए हैं, सबके पास 24 परगना के आधार कार्ड मिले हैं। ‘जहां फेंसिंग लगाने जाते हैं, सत्ताधारी पार्टी का कैडर हुड़दंग करता है, धार्मिक नारे लगाता है। ये फेंसिंग रुकी है तो केवल बंगाल सरकार के कारण रुकी है। ममताजी भूमि दे दें तो हम 450 किलोमीटर फेंसिंग कर देंगे।
- विदेशियों को ब्लैक लिस्ट कानून के हिसाब से होगा: अब तक एजेंसियां विदेशियों को ब्लैक लिस्ट करती थीं। इसका कोई औचित्य नहीं था। इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल 2025 कानून 36 धाराओं में है। इसमें पूरे प्रोसेस को कानूनी रूप दिया गया है। सारे एक्शन इसी हिसाब से होंगे। कोई विदेशी एयरपोर्ट या बंदरगाह की जगह कहीं और से आएगा तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा।
- भारत धर्मशाला नहीं है: ‘सरकार उन लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार है जो टूरिज्म, एजुकेशन, हेल्थ सर्विस या बिजनेस के लिए भारत आना चाहते हैं। मोदी सरकार केवल उन लोगों को भारत आने से रोकेगी जिनके इरादे गलत हैं। जो हमारे लिए खतरा पैदा करेंगे उनसे गंभीरता से निपटा जाएगा। यह देश कोई धर्मशाला नहीं है।’
इमिग्रेशन बिल पेश, बिना वैध पासपोर्ट भारत में एंट्री पर 5 साल जेल भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाने के लिए लोकसभा में इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल-2025 पेश किया। इस बिल के मुताबिक, कोई व्यक्ति अगर गैर कानूनी तरीके से किसी विदेशी को देश में लाता, ठहराता या बसाता है, तो उसे 3 साल जेल या 2 से 5 लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं। भारत में आने के लिए किसी भी विदेशी के पास ‘वैध पासपोर्ट और वीजा’ अनिवार्य होगा। विपक्ष ने लोकसभा में इस बिल का विरोध किया।
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