चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के प्रशंसकों के लिए एक बार फिर जश्न मनाने का मौका आ गया है। महेंद्र सिंह धोनी, जिन्हें प्यार से ‘थाला’ कहा जाता है, ने एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी संभाल ली है। यह फैसला आईपीएल 2025 के बीच में उस समय लिया गया जब टीम के वर्तमान कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ को चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया से लेकर स्टेडियम तक, हर जगह “धोनी-धोनी” की गूंज सुनाई देने लगी.
ऋतुराज की चोट और धोनी की वापसी
ऋतुराज गायकवाड़, जिन्होंने आईपीएल 2024 से चेन्नई की कप्तानी संभाली थी, टीम के भविष्य के कप्तान के रूप में देखे जा रहे थे। धोनी ने पिछले साल बड़ी शालीनता के साथ कप्तानी छोड़ते हुए युवाओं को आगे लाने की बात कही थी। गायकवाड़ को यह जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने अब तक कुछ अच्छे फैसले भी लिए। हालांकि, आईपीएल 2025 की शुरुआत में ही उन्हें कोहनी में गंभीर चोट लग गई, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें टूर्नामेंट से आराम की सलाह दी। टीम मैनेजमेंट के सामने नेतृत्व संकट खड़ा हो गया। ऐसे में स्वाभाविक रूप से नजरें फिर से उस शख्स पर टिक गईं जिन्होंने चेन्नई को पांच बार चैंपियन बनाया – महेंद्र सिंह धोनी.
धोनी की कप्तानी में चेन्नई का इतिहास
धोनी आईपीएल इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं। उन्होंने 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में टीम को चैंपियन बनाया। उनकी कप्तानी में टीम ने 10 से ज्यादा बार प्लेऑफ में जगह बनाई और कई बार फाइनल खेला। उनका शांत स्वभाव, संकट में सही निर्णय लेने की क्षमता, खिलाड़ियों पर भरोसा और मैच को आखिरी गेंद तक ले जाने की रणनीति उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। धोनी की कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स न केवल एक टीम बल्कि एक भावना बन चुकी है। जब भी वह मैदान पर उतरते हैं, तो स्टेडियम पीले रंग में रंग जाता है और “थाला-थाला” की गूंज सुनाई देती है.
फैंस का जबरदस्त रिएक्शन
धोनी की वापसी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर बाढ़ आ गई। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #ThalaReturns और #DhoniIsBack ट्रेंड करने लगे। चेन्नई के फैंस ने इसे “इमोशनल रीयूनियन” बताया। कुछ ने लिखा, “कप्तानी कोई छोड़ नहीं सकता, वह बस इंतज़ार करता है सही समय का।” वहीं कुछ ने कहा, “धोनी वापस आ गए हैं, अब ट्रॉफी भी पक्की समझो!” स्टेडियम के बाहर पोस्टर, बैनर और दीवारों पर धोनी की तस्वीरें दिखने लगी हैं। फैंस फिर से उम्मीद करने लगे हैं कि इस बार भी उनकी टीम चैंपियन बनेगी।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
टीम के कई खिलाड़ियों ने भी धोनी की वापसी पर खुशी जाहिर की है। ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने कहा, “धोनी भाई का मैदान पर होना ही हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। उनकी कप्तानी में खेलने का अनुभव ही कुछ और है।” दीपक चाहर और मोईन अली ने भी कप्तान के तौर पर धोनी की रणनीतिक समझ और संयम की तारीफ की।
क्या यह धोनी का आखिरी सीज़न होगा?
धोनी की उम्र अब 43 वर्ष हो चुकी है और पिछले कुछ सीज़न से यह सवाल लगातार उठता रहा है कि वह कब रिटायर होंगे। हालांकि हर बार धोनी मुस्कुराते हुए इसे टाल देते हैं। इस बार भी उनके लौटने से अटकलें तेज़ हो गई हैं कि शायद यह उनका आखिरी सीज़न हो और वे कप्तानी के साथ विदाई लेना चाहते हों। लेकिन जैसा कि धोनी खुद कहते हैं – “मैं निर्णय जल्दी नहीं लेता, मैदान पर प्रदर्शन ही सब कुछ बताता है।” अब देखना होगा कि वह इस बार भी चेन्नई को चैंपियन बना पाते हैं या नहीं।
रणनीतिक बदलाव की उम्मीद
धोनी की कप्तानी के साथ ही टीम की रणनीति में बदलाव आना तय है। जहां ऋतुराज ने आक्रामक बल्लेबाज़ी पर ज़ोर दिया, वहीं धोनी संतुलित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। गेंदबाजी संयोजन, फील्ड प्लेसमेंट और युवा खिलाड़ियों के साथ संतुलन बनाना धोनी की खासियत रही है। ऐसे में टीम के प्रदर्शन में जल्द ही सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
महेंद्र सिंह धोनी का फिर से कप्तान बनना सिर्फ एक क्रिकेटिंग फैसला नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से करोड़ों फैंस के दिलों से जुड़ा हुआ है। चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह एक नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया जोश लेकर आया है। उनकी कप्तानी में टीम एक बार फिर मजबूती से आगे बढ़ेगी, ऐसा विश्वास हर प्रशंसक के दिल में है। अब जब एक बार फिर ‘थाला’ ने कमान संभाल ली है, तो सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह एक बार फिर CSK को खिताब दिला पाएंगे और क्या यह IPL धोनी की कप्तानी में उनका विजयी विदाई सीज़न साबित होगा?
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